Home » एफसीआरआई के विषय में » निदेशक की लेखनी से
Print This Page     Email This Page

निदेशक की लेखनी से

निदेशक का संदेश

unnamed

तरल पदार्थ नियंत्रण अनुसंधान संस्थान, भारत सरकार द्वारा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) / संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) के प्रौद्योगिकीय-व्यवसायिक सहयोग के अंतर्गत 1984 में एक परियोजना के रुप में प्रारम्भ हुआ था। भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री आर. वेंकटरामन द्वारा 1989 में संस्थान को राष्ट्र सेवा में अर्पित किया गया था। संस्थान पिछले 25 वर्षों में विश्व भर में अनुसंधान एवं अंशांकन / परीक्षण प्रयोगशालाओं के सर्वश्रेष्ठ संस्थान के रुप में तथा प्रवाह मापन के उत्कृष्ट केन्द्र के रुप में स्थापित हो चुका है।

आज व्यापारिक परिदृश्य अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक हो गया है तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में हो रही त्वरित प्रगति से निरंतर परिवर्तनों का साक्षी बन रहा है। तीव्र प्रतिस्पर्धा, नूतन व्यवसायिक प्रतिस्पर्धियों के आने से आज उत्पाद तथा सेवा प्रदाय के बेहतर प्रदर्शन से उद्योग जगत के प्रत्येक क्षेत्र में बाजार के संतुलनो को अस्थिर किया जा सकता है। एफसीआरआई में हमारा निरंतर प्रयास है कि हम अपने क्रियाकलापों के प्रत्यके क्षेत्र में, अपनी संदर्भ प्रणालियों तथा क्षमताओं को परिशुद्धता वृद्धि के इस दौर के अनुरुप, सामंजस्य स्थापित करते हुए विकसित कर सकें। परीक्षण, अनुसंधान और अंशांकन सुविधाओं को निरंतर उन्नत, अद्यतन एवं विस्तारित करते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि वे विश्व की सर्वश्रेष्ठ सुविधाओं में हों। निरंतर अंतर-तुलनात्मक प्रयोगों, अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणन एवं पुष्टीकरण क्रियाओं, कठोर गुणवत्ता परीक्षणों, कुशल और प्रशिक्षित जनशक्ति और समग्र व्यावसायिकता के संयोजन ने हमारी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को उच्च स्तर तक पहुंचाने में योगदान किया है।

हमारा सिद्धांत है कि हम उद्योग जगत की समस्याओं का अपनी विशेषज्ञता से समाधान करें । हमारे पास अनुप्रयुक्त अनुसंधान में सैकड़ों परियोजनाओं और नियत कार्यों को पूरा करने से प्राप्त विशाल और विविध अनुभव हैं। इससे हमारे ग्राहकों को यह विश्वास है कि हम सौंपे गए कार्यों को समय से तथा अति उच्च गुणवत्तावृद्धि के साथ ईमानदारी से पूरा करेंगें। हमारे प्रतिष्ठित और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों, जिनकी कि बहुत मांग है को मानकीकृत और अपेक्षाओं के अनुरुप तैयार किया गया है। इस प्रकार हमने अपने यहाँ विकसित किए गए प्रशिक्षण निपुणता से उद्योग जगत को यंत्र विन्यास में अनुप्रयोग, प्रवाह माप पद्धति एवं नियंत्रण, अंशाकन प्रबंधन कार्यप्रणालियों, सरंक्षण स्थानांतरण एवं विधिक मापन पद्धति की आवश्यकताओं आदि के क्षेत्र में नवीनतम सैद्धांतिक, प्रौद्योगिकीय तथा अनुप्रयोगिक रुप से समृद्ध तथा समर्थ बनाया है। हम आपका अपनी इस नए कलेवर की संशोधित विश्वव्यापी उपस्थित वेवबसाइट पर हार्दिक स्वागत करते हैं और आप इसका अवलोकन करते हुए हमारे संस्थान के कार्यकलापों, सेवाओं के विषय में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और हमें विश्वास है कि यह आपके व्यवसाय तथा विनिर्माण के क्षेत्र में निश्चित ही उच्च गुणवत्ता प्रणाली को प्राप्त करने तथा निरंतर बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी।

 


निदेशक
डॉ. जेकब चानडप्पील्लै